🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
🌸ॐ भिक्षु🕉जय भिक्षु🌸
🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉
🌹*चिंतन लेखमाला*🌹
🇮🇳 *अणुव्रत पथ के पथिक*🇮🇳
🌹*लेख़क:-मुनि भूपेन्द्र कुमार जी🌹
🌺🌺*अणुव्रत को घर घर पहचानेवाले अणुव्रती बंसीलाल जी सेवक*☘🌙
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
⭐ता-25/8/2018 ⭐
⭐वार -शनिवार⭐
🌹 शृखला-10 🌹
अणुव्रत को घर घर पहुंचाने वाले अणुवृत्ति बंसी लाल जी सेवक मुनि भूपेंद्र कुमार बंशीलाल सेवर एक ऐसी अणुव्रतीका नाम है जिस व्यक्ति ने आचार्य तुलसी के अवदानोको घर घर पहुंचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया था सेवक जी जहां कहीं भी जाते थे वहां पर अणुव्रत की चर्चा करते रहते थे दौलतगढ़ सेवक जी की जन्मभूमि थी और तेरापंथ सभा भवन उनका एक आश्रय स्थल था साधु संतों की सेवा करना वह समाज के प्रत्येक व्यक्ति के साथ के अंदर अपने मधुर संबंध बनाए रखना यह सेवक जी की एक पहचान है उनके वाणी के अंदर बड़ी मधुरता थी कृपालु दयालु गुणवान यह उनके मुखारविंद से निकलने वाले अद्भुत शब्द थे जो जादू की तरह हर एक को अपनी ओर आकर्षित करने वाले थे सेवक जी साधु-साध्वी रास्ते की सेवा की बहुत करते थे रास्ते के अंदर जहां कहीं भी साधु संतों का पधारना होता वहां पर सेवक जी ग्रामीण लोगों को अनुब्रत के बारे के अंदर समझाते रहते और छोटे छोटे बरतो को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करते रहते थे चलते फिरते एक प्रचारक के रूम के अंदर सामने आते रहते थे उनके वाणी को सुनकर ग्रामीण लोग हैं वह भी अनुब्रत को स्वीकार करने के लिए तैयार हो जाते थे अनुवर्ती कार्यकर्ता मिलने वास्तव में हम आंदोलन को आगे बढ़ाने के अंदर महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने वाले साबित होते थे सेवक जी आज भले ही सदैव हमारे सामने उपस्थित नहीं है उनके द्वारा आज भी लगाए हुए बीच अंकुरित होकर पल्लवित पुष्पित हो रहे हैं सेवक जी का पूरा परिवार आज भी सेवा निष्ट और अंणुव्रती बना हुआ है ऐसे जीवन दानी कार्यकर्ता जब आंदोलन के साथ जुड़ते हैं उनके विकास की गति तीव्र से तीव्रतम बनती जाती है के प्रथम बंद की जाती है आचार्य तुलसी द्वारा जो सपने संजोए थे उन सारे सपनों को साकार करने वाले अनुब्रत के कार्यकर्ताओं के बल पर ही अणुव्रत आंदोलन ने सारे देश के अंदर एक प्रतिष्ठा प्राप्त की सेवक जी जैसे बलिदानी कार्यकर्ता आज की अनुब्रत आंदोलन के साथ अमर है और आगे भी अमर रहेंगे
क्रमशः
🌸ॐ भिक्षु🕉जय भिक्षु🌸
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🌹*चिंतन लेखमाला*🌹
🇮🇳 *अणुव्रत पथ के पथिक*🇮🇳
🌹*लेख़क:-मुनि भूपेन्द्र कुमार जी🌹
🌺🌺*अणुव्रत को घर घर पहचानेवाले अणुव्रती बंसीलाल जी सेवक*☘🌙
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⭐ता-25/8/2018 ⭐
⭐वार -शनिवार⭐
🌹 शृखला-10 🌹
अणुव्रत को घर घर पहुंचाने वाले अणुवृत्ति बंसी लाल जी सेवक मुनि भूपेंद्र कुमार बंशीलाल सेवर एक ऐसी अणुव्रतीका नाम है जिस व्यक्ति ने आचार्य तुलसी के अवदानोको घर घर पहुंचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया था सेवक जी जहां कहीं भी जाते थे वहां पर अणुव्रत की चर्चा करते रहते थे दौलतगढ़ सेवक जी की जन्मभूमि थी और तेरापंथ सभा भवन उनका एक आश्रय स्थल था साधु संतों की सेवा करना वह समाज के प्रत्येक व्यक्ति के साथ के अंदर अपने मधुर संबंध बनाए रखना यह सेवक जी की एक पहचान है उनके वाणी के अंदर बड़ी मधुरता थी कृपालु दयालु गुणवान यह उनके मुखारविंद से निकलने वाले अद्भुत शब्द थे जो जादू की तरह हर एक को अपनी ओर आकर्षित करने वाले थे सेवक जी साधु-साध्वी रास्ते की सेवा की बहुत करते थे रास्ते के अंदर जहां कहीं भी साधु संतों का पधारना होता वहां पर सेवक जी ग्रामीण लोगों को अनुब्रत के बारे के अंदर समझाते रहते और छोटे छोटे बरतो को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करते रहते थे चलते फिरते एक प्रचारक के रूम के अंदर सामने आते रहते थे उनके वाणी को सुनकर ग्रामीण लोग हैं वह भी अनुब्रत को स्वीकार करने के लिए तैयार हो जाते थे अनुवर्ती कार्यकर्ता मिलने वास्तव में हम आंदोलन को आगे बढ़ाने के अंदर महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करने वाले साबित होते थे सेवक जी आज भले ही सदैव हमारे सामने उपस्थित नहीं है उनके द्वारा आज भी लगाए हुए बीच अंकुरित होकर पल्लवित पुष्पित हो रहे हैं सेवक जी का पूरा परिवार आज भी सेवा निष्ट और अंणुव्रती बना हुआ है ऐसे जीवन दानी कार्यकर्ता जब आंदोलन के साथ जुड़ते हैं उनके विकास की गति तीव्र से तीव्रतम बनती जाती है के प्रथम बंद की जाती है आचार्य तुलसी द्वारा जो सपने संजोए थे उन सारे सपनों को साकार करने वाले अनुब्रत के कार्यकर्ताओं के बल पर ही अणुव्रत आंदोलन ने सारे देश के अंदर एक प्रतिष्ठा प्राप्त की सेवक जी जैसे बलिदानी कार्यकर्ता आज की अनुब्रत आंदोलन के साथ अमर है और आगे भी अमर रहेंगे
क्रमशः
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