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*अणुव्रत पथ के पथिक*

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🌸ॐ भिक्षु🕉जय भिक्षु🌸

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          U🌹*चिंतन लेखमाला*🌹 

     🇮🇳 *अणुव्रत पथ के पथिक*🇮🇳

🌹*लेख़क:-मुनि भूपेन्द्र कुमार जी🌹

🌺🌺*दलितों  के अंदर कार्य करने वाला कार्यकर्ता देवीलाल बेरवा*☘🌙

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             ⭐ता-23/8/2018 ⭐
               ⭐वार -गुरुवार⭐
                🌹  शृखला  9 🌹
दलितों के अंदर कार्य करने वाला कार्यकर्ता देवीलाल बेरवा मुनि भूपेंद्र कुमार मेवाड़ के अंदर जब आचार्य तुलसी का आगमन होता है उस समय आचार्य तुलसी ने अणुव्रत आंदोलन को जन व्यापी बनाने के लिए अनेक प्रकार के उपक्रमों को अपने हाथ में लिया उन उपक्रमों में एक उपक्रम था बेरवा समाज के अंदर एक क्रांति का सूत्रपात करना मेवाड़ के अंदर पूर गांव का एक नवयुवक देवीलाल बेरवा वह सामने आता है और यह संकल्प करता है मैं बेरवा समाज को बेसन मुक्त बनाने के लिए अपने जीवन को हमेशा के लिए समर्पित कर रहा हूं और आज से  अणुव्रत आंदोलन का मैं एक सिपाही बन कर रहूंगा भाई देवीलाल ने जो संकल्प किया उसी संकल्प के अनुरूप उसने अपने जीवन के अंदर नए आदर्शों को उपस्थित करते हुए बेरवा समाज के अंदर सघन कार्य किया अनुब्रत के नियमों को जन जन तक पहुंचाने के लिए उसने अनेकों स्कूलों में संपर्क स्थापित किया बेरवा समाज के अध्यापकों से अपने संबंध जोड़े और उन सबको उसने एकता के धागे के अंदर पीरो ने का प्रयास किया जिसका परिणाम सामने आया बेरवा समाज के अंदर एक नई जागृति का सूत्रपात हो जाता है उस बेरवा समाज को संबल प्रदान करने के लिए  मुनि श्री कानमल   जी स्वामी  अणुव्रत प्रभारी अध्यापक मुनि सुखलाल जी का बहुत बड़ा योगदान रहा   अनेकों बार बेरवा समाज के सम्मेलन आयोजित किए गए उन सम्मेलनों के माध्यम से परिवर्तन   आया वह एक तरह से सब के लिए अनुकरणीय बनता जा रहा था भाई देवीलाल जब बोलने के लिए खड़ा होता और आचार्य तुलसी के संदेश को जब वह अपने गीतों के माध्यम से प्रस्तुतकर्ता ऊन गीतों की स्वर लहरियां सुनकर बेरवा समाज की महिलाओं के अंदर एक जागृति का संचार होता है और पूरा बेरवा समाज अनुब्रत आंदोलन के एक तरह से सहयोगी बनने के लिए उत्सुक बन जाता है भाई देवीलाल का पुरुषार्थ और ज्यादा आंदोलन को गतिमान बनाने वाला बन जाता है एशे नवयुवक आंदोलन को ऊंचाइयां प्रदान करने वाला साबित होते हैं भाई देवीलाल आज भी स्वयं अनुब्रत में बनता हुआ पूरे समाज को अणुव्रत के ढांचे में डालने के लिए लगा हुआ है
क्रमशः

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