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🌸ॐ भिक्षु 🕉 जय भिक्षु 🌸
🕉🕉🕉🔯🕉🕉🕉
🌹🌹🌹 🎪 🌹🌹🌹
🌻 *गाथा तपोवल*3 🌻 📕 *बहुत कठिन है मार्ग तप का*📕
🍁🍁 *बोधि वृक्ष का मीठा फल:- मुनि चंपालाल जी मिठीया* 🍁🍁
🙌तपस्वी मुनी भूपेंद्र कुमार जी।🙌
🙏🙏🙏🙏🙏
🌹श्रृंखला 113 🌹
श्रावक शिव लाल जी आत्म चिंतन करने लग जाते हैं ।क्या अपने लड़के को गोद देना यह मेरे लिए अच्छा रहेगा?
ज्यों ही यह आत्म चिंतन का दौर प्रारंभ होता है तत्काल उन्होंने अपनी घरवाली को अपने निकट बुलाया और कहा देख भवानी मेरे सामने यह प्रस्ताव आया है -राजनगर बड़ा पाडे के अंदर बहुत बड़ा धनाढ्य बडोला परिवार है कोई प्रकार की घर में कमी नहीं है । केवल उनके सुपुत्र नहीं है तो क्या हम अपने बड़े लड़के को वहां पर गोद रख दें ।बोल तेरी क्या इच्छा है जो तुम कहोगी वह मैं करने के लिए तैयार हुं।
श्रावक शिवलाल जी की यह बात सुनकर उनके घरवाली ने विनम्रता के साथ निवेदन किया पतिदेव पुत्र तो अपना पुत्र ही होता है गोद देना या नहीं देना यह आपके चिंतन का विषय है ।यदि परिवार अच्छा हो खानदानी हो और अपना बड़ा लड़का यदि जाता है शायद हो सकता है अपने परिवार का विकास का द्वार है वह द्वार भी खुल जाए।
ज्यों ही श्रीमती ने यह बात कही और श्रावक शिव लाल जी अपने मन में निश्चय करने लग जाते हैं आगंतुकों परामर्श है वह हमारे को स्वीकार कर लेना चाहिए ।क्रमशः
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🌸ॐ भिक्षु 🕉 जय भिक्षु 🌸
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🌻 *गाथा तपोवल*3 🌻 📕 *बहुत कठिन है मार्ग तप का*📕
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🙌तपस्वी मुनी भूपेंद्र कुमार जी।🙌
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🌹श्रृंखला 113 🌹
श्रावक शिव लाल जी आत्म चिंतन करने लग जाते हैं ।क्या अपने लड़के को गोद देना यह मेरे लिए अच्छा रहेगा?
ज्यों ही यह आत्म चिंतन का दौर प्रारंभ होता है तत्काल उन्होंने अपनी घरवाली को अपने निकट बुलाया और कहा देख भवानी मेरे सामने यह प्रस्ताव आया है -राजनगर बड़ा पाडे के अंदर बहुत बड़ा धनाढ्य बडोला परिवार है कोई प्रकार की घर में कमी नहीं है । केवल उनके सुपुत्र नहीं है तो क्या हम अपने बड़े लड़के को वहां पर गोद रख दें ।बोल तेरी क्या इच्छा है जो तुम कहोगी वह मैं करने के लिए तैयार हुं।
श्रावक शिवलाल जी की यह बात सुनकर उनके घरवाली ने विनम्रता के साथ निवेदन किया पतिदेव पुत्र तो अपना पुत्र ही होता है गोद देना या नहीं देना यह आपके चिंतन का विषय है ।यदि परिवार अच्छा हो खानदानी हो और अपना बड़ा लड़का यदि जाता है शायद हो सकता है अपने परिवार का विकास का द्वार है वह द्वार भी खुल जाए।
ज्यों ही श्रीमती ने यह बात कही और श्रावक शिव लाल जी अपने मन में निश्चय करने लग जाते हैं आगंतुकों परामर्श है वह हमारे को स्वीकार कर लेना चाहिए ।क्रमशः
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