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17 वर्षीय शिवांगी पाठक

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🌸ॐ भिक्षु      🕉   जय भिक्षु 🌸
   
 🕉🕉🕉🔯🕉🕉🕉।                               

      *चिंतन लेखमाला*


🌹*लेखक- मुनिश्री भूपेन्द्र कुमारजी*🌹

   🌻🌻   * 17 वर्षीय शिवांगी पाठक ने सबसे ऊँचीचोटी माउंट किलिमँजारो को फतेह करके नया इतिहास बनाया*🍁 🍁🍁🙌🙌                                   

               🙏🙏🙏🙏🙏                         
     
                  ता24/8/2018
                  वार🌞 शुक्रवार
              🌹श्रृंखला-645🌹

17 वर्षीय शिवांगी पाठक ने सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो फतेह करके नया इतिहास बनाया हर बालक के मन के अंदर एक सपना होता है मैं अपने जीवन में कुछ ऐसा कार्य करूं जिससे आने वाली पीढ़ी मेरे को याद रखें इतिहास के अंदर मेरा नाम दर्द हो ऐसा ही एक शब्द में 17 वर्षीय पर्वतारोही शिवांगी पाठक ने अपने जीवन के अंदर संजोया वह अपने स्वप्न को 17 वर्ष की अवस्था में साकार करने में सफल हो गई संसार की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने के पश्चात उसके मन के अंदर माउंट किलिमंजारो को फतह करने का स्वप्न जगह उसको फतह करने के पश्चात अब उसके मन में संकल्प है 18 बरस की अवस्था होने से पहले पहले संसार के सात महाद्वीपों पर नेविगेट भजन उर्वशी और आशा के साथ आगे बढ़ने का प्रयास कर रही है शिवांगी बाल्य अवस्था में थी तब उसके मन के अंदर युवकों चित्र * नजर आने लग गए और इसी के कारण उसने गुड़गांव फरीदाबाद पर रॉक क्लाइंबिंग की प्रेक्टिस कर के माउंट एवरेस्ट किलिमंजारो को फतह किया वह भारत की सबसे कम उम्र के अंदर यह विजय पताका फहराने वाली कन्या साबित होती है हरियाणा में फोर्स में हिस्सा लेने वाली लड़कियों के प्रति इस तरह से आज नजरिया बदलता जा रहा है यह श्रीमान जी के जीवन से हम समझ सकते हैं वह बचपन के अंदर अरुणिमा अरुणिमा सिन्हा पर बनी एक फिल्म को देख रही थी और अरुणिमा यह शारीरिक की अवस्था के अंदर की कोई कल्पना नहीं कर पा रहा था कहिए पर्वतारोही बन सकती है क्या पर उसने जो विजय प्राप्त की उसी प्रेरणा से प्रेरित होकर और उसने अपने चरणों को गतिमान बनाया इंटरनेट का सहारा लेकर वह संसार के सबसे उनके स्थानों का सिंहावलोकन किया और अपनी विजय यात्रा पर निकल पड़ती है और आज वह उस विजय यात्रा को परेशान कर भारत देश का नाम गौरव के साथ के अंदर गौरवान्वित करने में सफलता हासिल कर ली है 18 वर्ष की अवस्था में प्रवेश करती करती वह सात महाद्वीपों की यात्राएं संपन्न कर शिखर पर अवश्य ही विजय ध्वज फहराकर पूरे विश्व के अंदर एक नए इतिहास का निर्माण करेगी
क्रमशः

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