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Showing posts from July, 2018

*दिल को छूने वाली कविता*

*दिल को छूने वाली कविता* 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 दे   गई   खुशियाँ  कई  आँखों  में  तो, कई    नयनों    में    पानी   भर   गई । बरसी     बारिश     इस    कदर    कि, चारो   ओर   पानी   पानी  कर  गई ।। कोई   सोया   ना   रात  भर  ख़ुशी  में, बारिश  मन  को  खुशहाल  कर  गई । तो  कोई  चिंतित था आज सोऊँ कहाँ, बारिश  ऐसा  हाल  बेहाल  कर गई ।। किसी  ने  बनाया महल सपनों का तो, किसी  का  बना आशियां उजाड़ गई । कोई तर गया बारिश के *"स्पर्श"* से तो, देखों  कइयों की किस्मत बिगाड़ गई । सृजन   का   प्रतिक  है  बारिश  मग़र , कभी  कभी  रौद्र  रूप  धर  जाती है । लाती   है   सदा  खुशियाँ  मग़र  कभी, विध...

*LIFE MANTRA*

*LIFE MANTRA* *Politics का सबसे बड़ा मंत्र है - अपने खिलाफ लोगो को अपने करीब आने दे। वो सुना है आपने निंदक नियरे राखिये। Facebook - Twitter - Skype - Whatsapp के साथ Social Life में आपको में आपके Fan Followers की लंबी कतार आपकी कामयाबी तय नहीं करती। Successful लोग वो है जिनके आसपास उनके - आलोचना की भीड़ हो, यही वो लोग होते है जो इन्हें अपनी Mistakes को सुधारने और उन्हें Repeat नहीं करने का रास्ता दिखाते हैं। सिर्फ तारीफों के पूल बंधने वाले आपको मंगरूर - Egoistic बनाकर कमजोर बनाते रहेंगे। मगर ये जो आपकी - छींटाकशी करते है, आप पर Comment करते है, आपको Hoot करते है, Critisize करते है मगर यही लोग आपको मशहूर बनाते है। अक्सर जिन फिल्मों का सबसे ज्यादा विरोध होता है वही फिल्में Box Office पर Hit होकर पैसो के ढेर पर खड़ी होती है। बशर्ते आपके खिलाफत का जवाब जुबान से नहीं अपने कृतत्व से दे। दुनिया में Famous होने और उस Status को बनाये रखने का सिर्फ एक Funda है। अपने Hooters को गौर से सुने.... और आगे बढ़े।* ⚜⚜⚜⚜⚜⚜⚜⚜⚜⚜⚜ *👁‍🗨 Quote of the Day 👁‍🗨* "  Change लाने वाले Revenge नहीं ले...

Health पेट की गर्मी की ऐसे करें पहचान?

पेट की गर्मी की ऐसे करें पहचान? हमारे पेट में गर्मी हो रही है, इस बात पता ऐसे लगाएं- छाती या सीने में हर समय जलन होना सांस लेने में तकलीफ होना मुंह में खट्टा पानी और खट्टी डकारें आना घबराहट और उल्टी जैसा महसूस होना पेट में हर समय जलन और दर्द होना गले में जलन होना पेट का फूल जाना (पेट में अफ़ारा होना) कब्ज होना सिर दर्द होना पेट में गैस का बनना पेट को ठंडा रखने के लिए क्या खाएं? पेट को ठंडा रखने के लिए हमें सबसे पहले अपने खान-पान के तरीकों में बदलाव लाना होगा. पेट को ठंडा रखने के लिए करें ये उपाय- 1. केला खाएं पेट की गर्मी को शांत करके उसे ठंडा रखने में केला बहुत मदद करता है. केले के पोटेशियम की मात्रा पेट में बनने वाले एसिड को नियंत्रित करती है और केले का पी एच तत्व  एसिड को कम करता है. साथ ही केला, पेट में एक चिकनी पर्त बना देता है जिससे एसिडिटी में कमी आती है. केले का फाइबर पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखता है. 2. तुलसी के पत्तों का सेवन तुलसी के पत्तों का सेवन करने से पेट में पानी की मात्रा बढ़ जाती है जिससे पेट के अतिरिक्त ऐसिड में कमी आती है. इसे ख...

गुरु पूर्णिमा पर गुरुदेव को समर्पित

*आज गुरुपूर्णिमा है । गुरदेव श्री के चरणों मे समर्पित 🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼 घोर अंधियारा धुंधली डगर, सूझे ना कुछ भी अवचेतन मन । सफर है लंबा दूर है मंजिल, पग पग पर अकल्पित कंपन । बिंदु को सिंधु तुम ही बनाते, तुमसे ही ज्योतित दसों दिशाएं । प्रकाश स्तंभ हो भवसागर के, तुमसे ही है ये गुलशन राहें । अज्ञानी मन में ज्ञान जगाना, हे महामना मेरे गुरुवर तुम । भटक ना जाऊं मैं राहों से, राह दिखाना प्रभुवर तुम । आलोकित नभ के हे प्रकाशपुंज, अंतर्मन में ज्योति कर जाओ । मिट जाए अंतस के अंधियारे, *"स्पर्श"* कृपा दृष्टि से कर जाओ

*दिल को छूने वाली कविता*

*दिल को छूने वाली  कविता* रब  लेता रहा पल - पल इम्तिहाँ मेरे, मैं भी सर झुकाके इम्तिहाँ देता रहा। यकीन  था उसकी रहबरी पे मुझको, मैं  भी  राहगीर  बन के चलता रहा । आए  कुछ  पल  जिंदगी  में ऐसे भी, जहां  जिंदगी  हार  के थक गई थी । यकीनन  थी  राहे  भी मुश्किल भरी, कदमों  की  आहट भी रुक गई थी । एक  यहीं विश्वास खींचे जा रहा था , कभी तो इंतहा होगी इम्तिहानों की । गुजरेगी ये स्याह रातें अंधियारी कभी कभी तो उजली होगी अरमानों की । जो  भी कर रहा खुदा अच्छे के लिए, यही सोच कर रहबरी में खोता गया । *स्पर्श* होते गए मंजर फिर खुशियों के, धीरे - धीरे हर लम्हा हंसी होता गया । 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯         🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

Guru ke Vachan

"गुरु गूंगे गुरू बावरे गुरू के रहिये दास " एक बार की बात है नारद जी विष्णु भगवानजी से मिलने गए ! भगवान ने उनका बहुत सम्मान किया ! जब नारद जी वापिस गए तो विष्णुजी ने कहा हे लक्ष्मी जिस स्थान पर नारद जी बैठे थे ! उस स्थान को गाय के गोबर से लीप दो ! जब विष्णुजी यह बात कह रहे थे तब नारदजी बाहर ही खड़े थे ! उन्होंने सब सुन लिया और वापिस आ गए और विष्णु भगवान जी से पुछा हे भगवान जब मै आया तो आपने मेरा खूब सम्मान किया पर जब मै जा रहा था तो आपने लक्ष्मी जी से यह क्यों कहा कि जिस स्थान पर नारद बैठा था उस स्थान को गोबर से लीप दो ! भगवान ने कहा हे नारद मैंने आपका सम्मान इसलिए किया क्योंकि आप देव ऋषि है और मैंने देवी लक्ष्मी से ऐसा इसलिए कहा क्योंकि आपका कोई गुरु नहीं है ! आप निगुरे है ! जिस स्थान पर कोई निगुरा बैठ जाता है वो स्थान गन्दा हो जाता है ! यह सुनकर नारद जी ने कहा हे भगवान आपकी बात सत्य है पर मै गुरु किसे बनाऊ ! नारायण! बोले हे नारद धरती पर चले जाओ जो व्यक्ति सबसे पहले मिले उसे अपना गुरु मानलो ! नारद जी ने प्रणाम किया और चले गए ! जब नारद जी धरती पर आये तो उन्हें सबसे...

*दिल को छूने वाली कविता*

  *दिल को छूने वाली कविता* 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 हार  कर  कभी  निराश ना होना यारों, हार  से ही जीत की राहें निकलती है । जीत  कर  कभी  गर्व  ना करना यारों, गर्व  से  जिंदगी  की  राहें बदलती है । जीत हार तो सबक है जिंदगी के लिए, आगे  बढ़ने  की  नई  राहें मिलती है । हार  से  संभल  जाते  हैं  कदम  यारों, तो  जीत  से  नई कलियां खिलती है । बस  बढ़ते  रहो  अपने कर्म - पथ पर, नहीं  हार  का मन में कोई विषाद हो । *"स्पर्श"* हो खुशी जीत की जरूर मगर, नहीं जीत का मन में कोई उन्माद हो । जीत हार  को तौलो सदा समभावों से, अंतस में यहीं सदा उत्कृष्ट विचार हो । जिंदगी जियो तो जिंदादिली से जिओ, मन सदा ही स्वच्छ और निर्विकार हो। 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 d🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

दिल को छूने वाली कविता

🌹🌹 *स्पर्श गुंजन* 🌹🌹 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 ना  रोक आंसुओं को, उन्हें बह जाने दे । दर्द  छुपा जो दिल में, उन्हें कह जाने दे । डर - डर  के  बहुत  सहे, सितम  दिल ने, दीवार  चुप्पी की जरा, अब ढ़ह जाने दे । गुबार निकला है दिल से, निकल जाने दे। तूफान  मचला है दिल में, मचल जाने दे । बरसों  बाद  बरसा  है, कोई सावन आज, बूंदे  बंजर  मन  पे  ज़रा, उछल  जाने दे । चल  पड़े  हैं कदम तो, अब चल जाने दे । बदल  रहा  है  मौसम  तो, बदल जाने दे । *"स्पर्श"*  होने को आतुर है, नवप्रभात अब, ढल रही है शाम अंधेरी, जरा ढल जाने दे। 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯               🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

*■ पुरूषार्थ की धारा ■*

_  〰〰〰〰〰〰〰    *■  पुरूषार्थ की धारा  ■* 〰〰〰〰〰〰〰 *1-भूल सुधार लो वरना मुक्ति जा पाओगें, ये भूल जाओ।* *2-भूल एक समय की है पर जब तक वो भूल नही लगेगी तो निकलेगी कैसे ?* *3-अपने आत्मा को भूलना ही, सबसे बड़ी भूल है।* *4-भूलनें वाली बातें याद रखोगे तो याद रखने वाली बातें भूल जाओगें ?* *5-सबको भूलेला भगवान न देखना भी, एक बहुत बड़ी भूल है।* *6-तात्विक श्रम बिना, भ्रम दूर होना असंभव है।* *7-शक्ति को पहचानना और शक्ति को सम्हालना, शक्तिवान होने का ये ही उपाय है।* *8-समय की खराबी करना, सबसे खराब कार्य है।* *9-जो अपना शील नही बचाते हैं वो मोक्षमार्ग में फेल हो जाते हैं।* *10-क्षयोपशम में जिनवाणी रहना अलग बात है और उसे जीवन में लगाना अलग बात है।* 〰〰〰〰〰〰〰  *■  जैनम् जयति शासनम्  ■ 〰〰〰〰〰〰〰     *Date : 09/07/2018*                                -

Sparsh Gunjan

🌹🌹 *स्पर्श गुंजन* 🌹🌹 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 पंख लगे हो जब प्रेरणाओं के, हो मन तत्पर छू लेने आकाश। चल  पड़ेंगे कदम अंधेरे में भी, लिए हाथ में तब नव प्रकाश । नव  सृजन  हो नव चिंतन का, हो  अभिनव भगीरथ प्रयास । कल्पना  उतरेगी  धरातल पर, लेकर चले उर में दृढ़ विश्वास। बढे  चले बस  आगे  बढ़े चले, नहीं बाधक कोई बीच पड़ाव। किंतु परंतु ना हो राहों के रोड़े, दृढ़ संकल्प हो भीष्म स्वभाव। प्रतिकूलता  बदले अनुकूल में, वैर भाव सब प्रीत  बन जाए । मनोभावों में हो चुंबकत्व ऐसा, अवरोध  सारे  मीत बन जाए । "स्पर्श" होंगे शिखर उम्मीदों के, करें शुभ शुरुआत धरातल से । बढ़ें  कदम नव सृजन की ओर, लेकर  शुद्ध भाव अंतस्तल से । 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯                             🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

Sparsh Gunjan

🌹🌹 *स्पर्श गुंजन* 🌹🌹 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 बेशक गरीब हूँ जरूर मगर, आचरण में ईमान रखता हूं । बदल जाते है धनिक वादों से, मगर मैं पक्की ज़ुबान रखता हूँ । भले ही भौतिक सुख है कम मगर, आत्मिक शांति का ज्ञान रखता हूँ । फिसलते देखा राहों से श्रेष्ठियों को, मैं संस्कारों का ध्यान रखता हूँ । इंसान को इंसान समझता हूं, इतनी तो मैं पहचान रखता हूँ । भूल से भी कोई भूल ना हो जाए, अन्तस् में सदा भगवान रखता हूँ । मात-पिता का हूँ ताउम्र ऋणी मैं, हृदय में सर्वोच्च स्थान रखता हूँ । गुरु है मेरे जीवन के निर्माता, दिल में सदा एहसान रखता हूँ । बाधाएं क्या डराएगी मुझको, हौसलों में सदा उड़ान रखता हूँ । बस बनी रहे इज्जत समाज में, इतना मैं स्वाभिमान रखता हूँ । चाहत नहीं है ऊचाईयां *"स्पर्श"* करूँ, सबके दिलों में अपना सम्मान रखता हूँ । गरीब होना गुनाह है जग में तो, मैं गरीब होने का गुमान रखता हूँ । 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯                                     🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 🇮🇳🇮🇳...

Sparsh Gunjan

🌹🌹 *स्पर्श गुंजन* 🌹🌹 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 🌅🌅 *"शुभ प्रभात"*  🌇🌇 🗓 *24 मई 2017 , बुधवार*🗓  🌹🌹 *स्पर्श गुंजन* 🌹🌹 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 बेशक गरीब हूँ जरूर मगर, आचरण में ईमान रखता हूं । बदल जाते है धनिक वादों से, मगर मैं पक्की ज़ुबान रखता हूँ । भले ही भौतिक सुख है कम मगर, आत्मिक शांति का ज्ञान रखता हूँ । फिसलते देखा राहों से श्रेष्ठियों को, मैं संस्कारों का ध्यान रखता हूँ । इंसान को इंसान समझता हूं, इतनी तो मैं पहचान रखता हूँ । भूल से भी कोई भूल ना हो जाए, अन्तस् में सदा भगवान रखता हूँ । मात-पिता का हूँ ताउम्र ऋणी मैं, हृदय में सर्वोच्च स्थान रखता हूँ । गुरु है मेरे जीवन के निर्माता, दिल में सदा एहसान रखता हूँ । बाधाएं क्या डराएगी मुझको, हौसलों में सदा उड़ान रखता हूँ । बस बनी रहे इज्जत समाज में, इतना मैं स्वाभिमान रखता हूँ । चाहत नहीं है ऊचाईयां *"स्पर्श"* करूँ, सबके दिलों में अपना सम्मान रखता हूँ । गरीब होना गुनाह है जग में तो, मैं गरीब होने का गुमान रखता हूँ । 🎯🎯🎯🎯🎯          🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 ...

*कविता* *अंतराष्ट्रीय योग दिवस*

🌹🌹 *स्पर्श गुंजन* 🌹🌹 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 *अंतराष्ट्रीय योग दिवस* तन   और  मन  की  रहे  स्वस्थता  तो, जीवन  भी  सदा  स्वस्थ बन जाता है । स्वास्थ्य   सुख   है  सर्वोच्च  जगत  में, पहला सुख निरोगी काया कहलाता है। पुरातन संस्कृति ने सिखाया हमें, स्वस्थता सफलता की कुंजी है । विरासत में मिले हमें ध्यान योग, जीवन  की सबसे बड़ी पूंजी है । वशिष्ठ,   कृष्ण,   महावीर,   पतंजलि, आदि  शंकराचार्य  और  गोरखनाथ । प्राचीन  भारत  के  थे  सब महायोगी, किया योग साधना को जग प्रख्यात । आज  नमन करता है जगत सारा, ध्यान, योग साधना को बारम्बार । नमन  भारत  के  महयोगियों  को, जग  नहीं  भूलेगा  यह  उपकार । आओं बढ़ें हम भी उस पथ पर, जीवन   अपना  सफल बनाए । करें  *"स्पर्श"* स्वस्थता जीवन में, स्वस्थ समाज और राष्ट्र बनाए । 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯       ...

Sparsh Gunjan

🌹🌹 *स्पर्श गुंजन* 🌹🌹 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 गलतियां  होती  है  इंसान  से जरूर, मगर   उनका  अहसास  जरूरी  है । गलतियों  का  होता  है  पश्चाताप तो, प्रायश्चित  का  भी  प्रयास जरूरी है । सबसे  उत्तम  मार्ग  क्षमा याचना का, पत्थर  दिल  को भी पिघला देता है । मनोभावों  में  हो  जाता  है परिवर्तन, धधकती ज्वाला को भी बुझा देता है। अंतर्मन  से  *"स्पर्श"* हो क्षमा भाव तो, रिश्तो  का  ध्वज फिर लहलहाता है । सुबह का भूला शाम को घर आता है, तो वह कभी भूला नहीं कहलाता है । 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯                                       🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

Sparsh Gunjan

🌹🌹 *स्पर्श गुंजन* 🌹🌹 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 ऐ  जिंदगी  क्यों  रूठी है हमसे, कुछ   तो  जरा  तू  रहम  कर । भ्रम  है  तुझे कुछ गलतियों का, पर  इतना  भी  ना  वहम कर । कुछ  वक्त  की  थी पैदाइश तो, कुछ  अपने  ही  गलत हो गए । गलतियों   को  कहा  गलत  तो, लोग  हमें  ही  गलत  कह गए । दोष  था सिर्फ इतना हमारा कि, हम  सच्चाई पकड़ के बह गए । और खोटे सिक्के इस दुनिया में, मक्कारी  करके  जिंदा रह गए । ऐ  जिंदगी  रुठ  भले  हम से  तू, चाहे   कितने  ही  इल्जाम लगे । फितरत ना बदलेगी इस मन की, चाहे बद से बदतर अंजाम मिले। ग़लतियों   को  गलत  ही  कहेंगे, चाहे  कितने  ही  अरमान  जले । सच का *'स्पर्श'* रहेगा मन में सदा, चाहे कयामत का फरमान मिले । 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯                 ...