*दिल को छूने वाली कविता* 🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯🎯 दे गई खुशियाँ कई आँखों में तो, कई नयनों में पानी भर गई । बरसी बारिश इस कदर कि, चारो ओर पानी पानी कर गई ।। कोई सोया ना रात भर ख़ुशी में, बारिश मन को खुशहाल कर गई । तो कोई चिंतित था आज सोऊँ कहाँ, बारिश ऐसा हाल बेहाल कर गई ।। किसी ने बनाया महल सपनों का तो, किसी का बना आशियां उजाड़ गई । कोई तर गया बारिश के *"स्पर्श"* से तो, देखों कइयों की किस्मत बिगाड़ गई । सृजन का प्रतिक है बारिश मग़र , कभी कभी रौद्र रूप धर जाती है । लाती है सदा खुशियाँ मग़र कभी, विध...