🎈आज का विचार🎈
*अकेले हम बूँद हैं,*
*मिल जाएं तो सागर हैं।*
*अकेले हम धागा हैं,*
*मिल जाएं तो चादर हैं।*
*अकेले हम कागज हैं,*
*मिल जाए तो किताब हैं।*
*अकेले हम अलफ़ाज़ हैं,*
*मिल जाए तो सुंदर रचना हैं।*
*अकेले हम ईंट पत्थर हैं,*
*मिल जाएं तो इमारत हैं।*
*अकेले हम दुआ हैं,*
*मिल जाएं तो इबादत हैं।*
जीवन का आनन्द मिलजुल कर रहने में है
*अकेले हम बूँद हैं,*
*मिल जाएं तो सागर हैं।*
*अकेले हम धागा हैं,*
*मिल जाएं तो चादर हैं।*
*अकेले हम कागज हैं,*
*मिल जाए तो किताब हैं।*
*अकेले हम अलफ़ाज़ हैं,*
*मिल जाए तो सुंदर रचना हैं।*
*अकेले हम ईंट पत्थर हैं,*
*मिल जाएं तो इमारत हैं।*
*अकेले हम दुआ हैं,*
*मिल जाएं तो इबादत हैं।*
जीवन का आनन्द मिलजुल कर रहने में है
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