🙏🏼🌹 *जैन धर्मोस्तु मंगलम* 🌹🙏🏼 🌷✨
सादर जय जिनेन्द्र ✨🌷 ★★★★★★★★★★★
*आज का मंगलमय विचार* ✍🏻
तुम्हारे भव्य भवन का नाम है *"मातृछाया"* पर वहां कहीं नहीं है ममतामयी माँ की छाया ।। ▫▪▫▪▫▪▫▪▫
🔅🔅 *रोज की एक सलाह* 🔅🔅 ✍🏻
शरीर नश्वर है, आत्मा अमर हैं । शरीर एक दिन छूटने वाला है । नश्वर शरीर की सबसे बड़ी सार्थकता इसमें है कि उससे अमर आत्मा का हित हो, वैसा काम किया जाए ।। 📝 *आचार्य श्री महाश्रमण* ====================== ========================== ✍🏻®✨💯✅🕉🙏🏼📚👌🏼 ==========================
सादर जय जिनेन्द्र ✨🌷 ★★★★★★★★★★★
*आज का मंगलमय विचार* ✍🏻
तुम्हारे भव्य भवन का नाम है *"मातृछाया"* पर वहां कहीं नहीं है ममतामयी माँ की छाया ।। ▫▪▫▪▫▪▫▪▫
🔅🔅 *रोज की एक सलाह* 🔅🔅 ✍🏻
शरीर नश्वर है, आत्मा अमर हैं । शरीर एक दिन छूटने वाला है । नश्वर शरीर की सबसे बड़ी सार्थकता इसमें है कि उससे अमर आत्मा का हित हो, वैसा काम किया जाए ।। 📝 *आचार्य श्री महाश्रमण* ====================== ========================== ✍🏻®✨💯✅🕉🙏🏼📚👌🏼 ==========================
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