"माँ"
"माँ" शब्द मैं सम्पूर्ण बृहमाण्ड है, समाया
"माँ " की ममता अब तक कौन है,समझ पाया !
"माँ " शब्द सुनते ही कानो मैं मिश्री घुल जाती हैं,
"माँ" ही है जो हमारे दिलो पर छाप छोड़ जाती है !
"माँ" पुकारते ही दिल एक अलग अनुभव है करता,
जो हमे हमारी "माँ" और खुद "माँ" होने की याद दिलाता !
"माँ" वो है जो न सिर्फ हमें इस दुनिया में लायी हैं,
बल्कि उसने ही हमें दुनियादारी भी समझाई है !
बच्चे के मुख से पहला शब्द जो निकला वो,हैं "माँ"
स्त्री जीवन जिसे सुनकर पूरा हुआ वो है "माँ"!
केवल " माँ "हैं जो हमारे भविष्य के बारे मैं हैं सोचती,
जिसकी दुनिया हमसे ही शुरू और हम पर ही हैं, खत्म होती!
" माँ " वो नही जिसके सजदे मैं हम है, सर झुकाते,
"माँ" वो है जिसकी वजह से हम गर्व है,कर पाते !
वो हमारे कुछ कहे बिना ही सब समझ जाती है,
वही हैं, जो हमारे दिल की हर बात पढ़ पाती हैं !
"माँ" की गोद वो आरामदायक बिछौना हैं,
जिस पर हर बच्चा चैन की नींद सोता हैं !
"माँ" का हाथ सदा हमारे सर पर होता हैं ,
जो हमे हर मुश्किल से लड़ने की शक्ति देता है !
उम्र के हर पड़ाव मैं हमे "माँ" की आवश्यकता हैं ,
हर दर्द में हमारे मुख से "माँ" ही निकलता हैं !
बच्चा बड़ा होकर भी "माँ" के लिये बच्चा ही होता हैं ,
यही वो एहसास है, जो हरपल "माँ" की याद दिलाता हैं !
"माँ" शब्द का सार जब समझ मैं आया ,
जब ईश्वर ने उस एहसास का अनुभव हमें कराया !
"माँ" की तुलना किसी से की नही जा सकती ,
एक "माँ" हैं जिसकी जगह किसी को दी नही जाती !
उसकी ममता को शब्दो मैं बया नही किया जाता ,
वो "माँ" हैं जिसकी भावनाओ का मोल नही आंका जाता !
वो अनमोल हैं इसलिए तो "माँ" हैं
"माँ"
दुनिया का सारा प्यार इसी शब्द से शुरू होता हैं ,
इसी शब्द पर खत्म हो जाता हैं !
इसीलिए "माँ"की व्याख्या करना
मुश्किल ही नही नामुमकिन हो जाता हैं !
दिल "माँ" के दुलार की गर्माहट महसूस करे जिस दिन,
तब होगा "मदर्स डे" मनाओ उसी दिन !!
HAPPY MOTHER'S DAY
"माँ" शब्द मैं सम्पूर्ण बृहमाण्ड है, समाया
"माँ " की ममता अब तक कौन है,समझ पाया !
"माँ " शब्द सुनते ही कानो मैं मिश्री घुल जाती हैं,
"माँ" ही है जो हमारे दिलो पर छाप छोड़ जाती है !
"माँ" पुकारते ही दिल एक अलग अनुभव है करता,
जो हमे हमारी "माँ" और खुद "माँ" होने की याद दिलाता !
"माँ" वो है जो न सिर्फ हमें इस दुनिया में लायी हैं,
बल्कि उसने ही हमें दुनियादारी भी समझाई है !
बच्चे के मुख से पहला शब्द जो निकला वो,हैं "माँ"
स्त्री जीवन जिसे सुनकर पूरा हुआ वो है "माँ"!
केवल " माँ "हैं जो हमारे भविष्य के बारे मैं हैं सोचती,
जिसकी दुनिया हमसे ही शुरू और हम पर ही हैं, खत्म होती!
" माँ " वो नही जिसके सजदे मैं हम है, सर झुकाते,
"माँ" वो है जिसकी वजह से हम गर्व है,कर पाते !
वो हमारे कुछ कहे बिना ही सब समझ जाती है,
वही हैं, जो हमारे दिल की हर बात पढ़ पाती हैं !
"माँ" की गोद वो आरामदायक बिछौना हैं,
जिस पर हर बच्चा चैन की नींद सोता हैं !
"माँ" का हाथ सदा हमारे सर पर होता हैं ,
जो हमे हर मुश्किल से लड़ने की शक्ति देता है !
उम्र के हर पड़ाव मैं हमे "माँ" की आवश्यकता हैं ,
हर दर्द में हमारे मुख से "माँ" ही निकलता हैं !
बच्चा बड़ा होकर भी "माँ" के लिये बच्चा ही होता हैं ,
यही वो एहसास है, जो हरपल "माँ" की याद दिलाता हैं !
"माँ" शब्द का सार जब समझ मैं आया ,
जब ईश्वर ने उस एहसास का अनुभव हमें कराया !
"माँ" की तुलना किसी से की नही जा सकती ,
एक "माँ" हैं जिसकी जगह किसी को दी नही जाती !
उसकी ममता को शब्दो मैं बया नही किया जाता ,
वो "माँ" हैं जिसकी भावनाओ का मोल नही आंका जाता !
वो अनमोल हैं इसलिए तो "माँ" हैं
"माँ"
दुनिया का सारा प्यार इसी शब्द से शुरू होता हैं ,
इसी शब्द पर खत्म हो जाता हैं !
इसीलिए "माँ"की व्याख्या करना
मुश्किल ही नही नामुमकिन हो जाता हैं !
दिल "माँ" के दुलार की गर्माहट महसूस करे जिस दिन,
तब होगा "मदर्स डे" मनाओ उसी दिन !!
HAPPY MOTHER'S DAY
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